आध्यात्मिकता पर जीवन परिवर्तन वाली 7 पुस्तकें

श्रीमद्भगवद गीता (श्रीमद्भगवद गीता)

यह हिंदू धर्मग्रंथ का एक कालजयी ग्रंथ है। यह युद्ध के मैदान में स्थापित योद्धा अर्जुन और भगवान कृष्ण के बीच एक संवाद है। गीता कर्तव्य, कर्म, भक्ति और मुक्ति सहित जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विशाल मात्रा में ज्ञान प्रदान करती है।

योग दर्शन

पतंजलि का योग सूत्र योग दर्शन का एक मूलभूत पाठ है। इसमें योग के आठ अंगों की रूपरेखा दी गई है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए एक रूपरेखा प्रदान करते हैं।

उपनिषद (उपनिषद)

उपनिषद दार्शनिक ग्रंथों का एक संग्रह है जो हिंदू धर्म के सबसे पुराने ग्रंथ वेदों का हिस्सा हैं। वे वास्तविकता की प्रकृति, स्वयं और मानव अस्तित्व के अंतिम लक्ष्य से निपटते हैं।

अष्टावक्र गीता (अष्टावक्र गीता)

इस संक्षिप्त लेकिन शक्तिशाली ग्रंथ का श्रेय ऋषि अष्टावक्र को दिया जाता है। यह वास्तविकता का एक अद्वैतवादी दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है और आत्म-ज्ञान के महत्व पर जोर देता है।

ईशावास्योपनिषद (ईशावास्योपनिषद)

यह उपनिषदों में सबसे छोटा है, लेकिन यह गहन ज्ञान से भरा हुआ है। यह सिखाता है कि ब्रह्मांड में सब कुछ भगवान का है, और हमें अपनी संपत्ति का उपयोग सभी प्राणियों के लाभ के लिए करना चाहिए।

तुलसीदास की रामचरितमानस 

तुलसीदास की यह महाकाव्य अवधी कविता भगवान विष्णु के सातवें अवतार राम की कहानी बताती है। यह प्रेम, कर्तव्य और भक्ति की एक कालातीत कहानी है।