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Vat Savitri Pooja Upay पहली बार कर रही हैं वट सावित्री व्रत? इन गलतियों से जरूर बचें!

Vat Savitri Pooja Upay
Vrat katha

वट सावित्री व्रत का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को रखा जाता है और यह व्रत खासकर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए करती हैं। अगर आप पहली बार वट सावित्री व्रत रखने जा रही हैं, तो कुछ गलतियों से बचना आवश्यक है ताकि आपका व्रत सही तरीके से और पूरी श्रद्धा के साथ संपन्न हो सके। आइए जानें कि किन गलतियों से बचना चाहिए:

  1. व्रत की तारीख का सही ज्ञान न होना
    व्रत की सही तारीख और समय का पता करना बहुत महत्वपूर्ण है। कभी-कभी पंचांग में एक दिन आगे या पीछे भी हो सकता है, इसलिए सही तारीख और शुभ मुहूर्त की जानकारी रखें।
  2. पूजा सामग्री की तैयारी में कमी
    पूजा के लिए आवश्यक सामग्री जैसे वट वृक्ष की टहनी, फल, फूल, कलावा, धूप, दीपक आदि की तैयारी पहले से कर लें। अक्सर आखिरी वक्त में भागदौड़ करने से पूजा में ध्यान भटक सकता है।
  3. व्रत कथा सुनने में लापरवाही
    व्रत की कथा सुनना और समझना बहुत जरूरी है। वट सावित्री व्रत की कथा सुनने से व्रत का महत्व और विधि समझ में आती है और मन में आस्था बढ़ती है।
  4. श्रद्धा और विश्वास की कमी
    व्रत को पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ रखना चाहिए। मन में किसी प्रकार का संदेह या नेगेटिव थॉट्स नहीं आने चाहिए। व्रत की सफलता के लिए मन का शुद्ध और सकारात्मक होना बहुत आवश्यक है।
  5. सही विधि का पालन न करना
    व्रत की सही विधि का पालन करना चाहिए। वट वृक्ष की पूजा, सावित्री-सत्यवान की पूजा और परिक्रमा जैसे नियमों का सही तरीके से पालन करें। किसी भी नियम को हल्के में न लें।
  6. पर्याप्त जल और फल न लेना
    व्रत के दिन केवल जल और फल ग्रहण करने की परंपरा होती है। व्रत के दौरान पर्याप्त पानी और फलों का सेवन करें ताकि आपका शरीर हाइड्रेटेड रहे और ऊर्जा बनी रहे।
  7. व्रत के दौरान आराम न करना
    व्रत के दौरान शारीरिक श्रम से बचें और अधिक से अधिक आराम करें। इससे आप मानसिक और शारीरिक रूप से संतुलित रहेंगे और पूजा में पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
  8. अन्य धार्मिक और सामाजिक कार्यों में व्यस्त रहना
    व्रत के दिन अन्य धार्मिक और सामाजिक कार्यों से बचें। इस दिन को पूरी तरह से व्रत और पूजा के लिए समर्पित करें।

वट सावित्री व्रत एक बहुत ही पवित्र और महत्वपूर्ण व्रत है। इसे सही तरीके और पूर्ण श्रद्धा के साथ करने से इसका पूरा फल प्राप्त होता है। इन गलतियों से बचकर आप अपने व्रत को सफलतापूर्वक संपन्न कर सकती हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि और शांति पा सकती हैं।

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