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Vat Savitri Vrat Katha 2024: वट सावित्री व्रत कथा है इस तारीख को जानिए शुभ मुहूरत

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वट सावित्री व्रत की कथा (Vat Savitri Vrat Katha):

वट सावित्री व्रत की कथा सती सावित्री के अटूट प्रेम और सौभाग्य की गाथा है। सती सावित्री राजा अश्वपति की पुत्री थीं। उनकी शादी सत्यवान नामक एक गरीब राजकुमार से हुई थी। विवाह के बाद, उन्हें यह पता चला कि सत्यवान को कुछ समय बाद ही मृत्यु हो जाएगी। नियत दिन पर यमदूत सत्यवान की आत्मा को लेने आए। सावित्री अपने पति के साथ चली गईं और यमदूत से सत्यवान को वापस लाने की विनती करने लगीं। सावित्री की धर्मपरायणता और पति के प्रति अटूट प्रेम से प्रभावित होकर यमराज ने सत्यवान को जीवन वापस लौटा दिया। इस तरह सच्चे प्रेम और सौभाग्य के बल पर सावित्री ने यमराज को भी मात दे दी।

वट सावित्री व्रत का महत्व (Importance of Vat Savitri Vrat):

वट सावित्री व्रत का मुख्य उद्देश्य पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करना है। यह व्रत महिलाओं को अपने पति के प्रति समर्पण और सच्चे प्रेम की सीख देता है। साथ ही, यह व्रत मृत्यु के भय पर विजय प्राप्त करने वाली सती सावित्री के साहस और धर्मनिष्ठा को भी याद दिलाता है।

आप वट सावित्री व्रत की तैयारियां कैसे कर सकती हैं (How to Prepare for Vat Savitri Vrat):

व्रत की तिथि और शुभ मुहूर्त का पता करें (Find the vrat date and auspicious time):

आप किसी पंडित या धार्मिक कैलेंडर से वट सावित्री व्रत की सही तिथि और शुभ मुहूर्त का पता लगा सकती हैं। इसे ऑनलाइन भी खोजा जा सकता है, लेकिन स्थानीय मान्यताओं के अनुसार तिथियों में थोड़ा अंतर हो सकता है।

पूजा की सामग्री जुटाएं (Gather puja items):
पूजा के लिए वट वृक्ष (बरगद का पेड़), कच्चा सूत, रोली, मौली, फल, फूल, मिठाई और दीपक जैसी सामग्री की आवश्यकता होगी।

व्रत रखने का संकल्प लें (Take a sankalp for the vrat):
व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। ईश्वर से पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करें।

पूजा की विधि (Puja Vidhi):
स्नान करने के बाद वट वृक्ष के पास जाएं और उसकी जड़ में जल अर्पित करें। फिर वट वृक्ष पर कच्चा सूत लपेटें और रोली तथा मौली से उसका श्रृंगार करें। इसके बाद फल, फूल, मिठाई और दीप का भोग लगाएं। व्रत कथा का पाठ करें और आरती करें।

उम्मीद है कि यह लेख आपको वट सावित्री व्रत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा। इस व्रत को श्रद्धापूर्वक करने से आपके वैवाहिक जीवन में सुख और शांति बनी रहेगी।

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