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KedarNAth Gate Opening: केदारनाथ मंदिर: अक्षय तृतीया पर खुले कपाट, रहस्यों से भरा ये धाम

Kedarnath Temple: Doors open on Akshaya Tritiya, this place is full of mysteries

देवभूमि उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ मंदिर, 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, अपनी भव्यता और रहस्यों के लिए जाना जाता है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर 10 मई 2024 को चार धाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही इस मंदिर के कपाट खुल गए हैं।

आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी कुछ रोचक बातें:

  1. पांडवों का पाप नाश:

पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत युद्ध में अपने परिजनों की हत्या के पाप से मुक्ति पाने के लिए पांडव यहां भगवान शिव के दर्शन करने आए थे। भगवान शिव ने बैल का रूप धारण कर लिया, जिसे भीम ने पहचान लिया और पकड़ने का प्रयास किया। उनके हाथ में बैल का केवल पीठ का भाग ही आ पाया। भविष्यवाणी हुई कि ‘जिस पीठ भाग को भीम ने पकड़ा है, उसी को शिवलिंग रूप में स्थापित कर पूजा करो।’

  1. आदि गुरु शंकराचार्य का योगदान:

समय के साथ बर्फ से ढके इस मंदिर का जीर्णोद्धार आदि गुरु शंकराचार्य ने करवाया। उन्होंने यहां तपस्या भी की और मंदिर के पास समाधि स्थल बनवाया।

  1. कन्नड़ भाषा में पूजा:

केदारनाथ मंदिर में होने वाली पूजा-अनुष्ठान कन्नड़ भाषा में किए जाते हैं। यहां के मुख्य पुजारी रावल कर्नाटक के वीर शैव जंगम समुदाय से होते हैं।

  1. छह महीने बंद रहता है मंदिर:

शीत ऋतु में जब मंदिर तक पहुंचना असंभव हो जाता है, तब 6 महीने के लिए इसके कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान भगवान केदारनाथ की मूर्ति को उखीमठ ले जाया जाता है, जहां श्रद्धालु उनके दर्शन कर सकते हैं।

  1. रहस्यमयी शक्तियां:

कहा जाता है कि केदारनाथ मंदिर रहस्यमयी शक्तियों से युक्त है। यहां मनोकामनाएं पूरी होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर केदारनाथ के कपाट खुलने से श्रद्धालुओं में हर्षोल्लास है। यदि आप धार्मिक यात्रा और अध्यात्म का अनुभव लेना चाहते हैं, तो केदारनाथ आपके लिए एक आदर्श स्थान है।

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