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Kaal Bhairav Ke 5 Upay Jo Badal Denge Aapki Kismat! | 5 उपाय जो बदल देंगे आपकी किस्मत!

Kaal Bhairav Ke 5 Upay Jo Badal Denge Aapki Kismat 5 tips that will change your luck!

Kaal Bhairva Upay

काल भैरव जयंती, जिसे मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है, भगवान शिव के भयंकर रूप, काल भैरव की जयंती है। इस साल यह जयंती 2 दिसंबर, 2024 को मनाई जाएगी।
शास्त्रों के अनुसार, इस दिन कुछ खास उपाय करके भगवान भैरव को प्रसन्न किया जा सकता है, और जीवन की अनेक बाधाओं और परेशानियों से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है।

Kaal Bhairva 5 Upay

  1. कम ज्ञात मंदिर में पूजा: मान्यता है कि काल भैरव जयंती के दिन, जिस मंदिर में कम लोग पूजा करते हैं, वहां जाकर भगवान भैरव की पूजा करना विशेष फलदायी होता है।
  2. दीपदान और भोग: भगवान भैरवनाथ के मंदिर में जाकर दीप प्रज्वलित करें और नारियल-जलेबी का भोग लगाएं। इससे भगवान भैरव प्रसन्न होते हैं और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है।
  3. मंत्र जाप: कालाष्टमी के दिन स्नान करके, “ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:” मंत्र का रूद्राक्ष माला से 5 माला जाप करें। इससे शत्रुओं पर विजय प्राप्ति का वरदान मिलता है और वे आप पर हावी नहीं हो पाते हैं।
  4. कुत्ते को भोजन: काले रंग के कुत्ते को भगवान भैरव की सवारी माना जाता है। काल भैरव जयंती के दिन, खासकर काले कुत्ते को सरसों के तेल में चुपड़ी हुई ताजी रोटी खिलाएं। इससे व्यापार और नौकरी में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
  5. शमी वृक्ष के नीचे दीपदान: कहते हैं कि जो दंपत्ति इस दिन संध्याकाल में शमी वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं, उनके रिश्तों में कभी दरार नहीं आती।
  6. बिल्वपत्र अर्पण: काल भैरव जयंती के दिन, 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ‘ॐ नम: शिवाय’ लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद मन में अपनी मनोकामना कहें। ऐसा करने से भय, रोग और दोष दूर होते हैं।

इन उपायों के अलावा, आप भगवान भैरव की आरती भी गा सकते हैं और उनसे अपनी मनोकामना व्यक्त कर सकते हैं।

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