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जनादेश 2024: जम्मू-कश्मीर में पिछले चुनाव से 22% ज्यादा मतदान

बड़े शहरों ने फिर किया निराश, पांचवें चरण में 60% वोटिंग

लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में आठ राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश की 49 सीट पर औसत मतदान करीब 60 फीसदी (59.93) रहा। सभी सीटों के लिए मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे तक चला। इस चरण में सबसे अधिक मतदान पश्चिम बंगाल में 73.95% और सबसे कम महाराष्ट्र में 54.29% हुआ। जम्मू-कश्मीर में पिछले चुनाव के मुकाबले करीब 22% ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई है। पांचवें चरण में ओडिशा विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 35 सीटों पर भी मतदान कराया गया, जिसमें इन सीटों के 60.70% मतदाताओं ने भाग लिया।

पांचवें चरण में मुंबई, ठाणे और लखनऊ जैसे शहरों में वोटिंग हुई जो पिछले चुनाव में मतदाताओं की उदासीनता के कारण चर्चा में रहे थे। इस बार भी इन सीटों पर मतदाताओं ने ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया है। सोमवार को जिन 49 सीटों पर मतदान हुआ, उनमें यूपी की 14, महाराष्ट्र की 13, पश्चिम बंगाल की सात, बिहार की पांच, झारखंड की तीन, ओडिशा की पांच और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की एक-एक सीट शामिल है। इस चरण में मोदी सरकार के नौ मंत्रियों के साथ-साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी (रायबरेली) और नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला (बारामूला) जैसे नेताओं की किस्मत भी दांव पर है।

जिन केंद्रीय मंत्रियों की किस्मत का फैसला होना है, उनमें राजनाथ सिंह (लखनऊ), स्मृति ईरानी (अमेठी), पीयूष गोयल (उत्तर मुंबई), कौशल किशोर (मोहनलालगंज, यूपी), साध्वी निरंजन ज्योति (फतेहपुर,यूपी), डॉ भारती प्रवीण पवार (दिंडोरी, महाराष्ट्र) अन्नपूर्णा देवी(कोडरमा, झारखंड), कपिल पाटिल (भिवंडी, महाराषट्र) और शांतनु ठाकुर (बनगांव, प. बंगाल) शामिल हैं।

वर्ष 2019 के चुनाव में इन 49 सीटों में से 32 पर भाजपा, सात पर शिवसेना (अविभाजित) और चार पर तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशियों को सफलता मिली थी। इस चरण में बसपा 46 सीटों पर, भाजपा 40, कांग्रेस 18, सपा 10, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) सात, टीएमसी सात, शिवसेना छह, बीजेडी पांच,माकपा पांच, भाकपा चार, आरडेडी चार और एआइएमईएम ने चार सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे।

कंगना रनौत के खिलाफ स्पीति घाटी में विरोध प्रदर्शन:
शिमला. बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय सीट से भाजपा उम्मीदवार कंगना रनौत को स्पीति घाटी के काजा में अपने प्रचार अभियान के दौरान बौद्ध समुदाय के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बाद कंगना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के हिंसक प्रदर्शन में दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी कथित हमले की निंदा की है।

प्रदर्शनकारियों ने ‘कंगना वापस जाओ’ जैसे नारे लगाए और सोशल मीडिया पर उनके हालिया कार्यों के प्रति अपना गुस्सा व्यक्त किया। विवाद की जड़ कंगना द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक मीम से है, जिसमें तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा को नकारात्मक रूप में दर्शाया गया है और वह अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को चूमते नजर आ रहे हैं।

(चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़े में बदलाव संभव)
आयोग के अनुसार, मतदान आम तौर पर शांतिपूर्ण रहा है। छिटपुट गड़बड़ियों की शिकायतें मिली है, जिनकी जांच की जा रही है।

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