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> गुजरात में हृदय विदारक हादसा : खिलखिलाहट बदली चीत्कार में, शव पहचानना भी मुश्किल

गुजरात में हृदय विदारक हादसा : खिलखिलाहट बदली चीत्कार में, शव पहचानना भी मुश्किल

मौत का गेम जोन

गुजरात के राजकोट शहर के नाना मौवा इलाके में स्थित टीआरपी गेम जोन में शनिवार शाम 4.30 बजे भीषण आग लगने से 27 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने 20 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। मरने वालों में कम से कम नौ बच्चे हैं। इस घटना में 15 बच्चों को बचा लिया गया। हादसे के समय गेम जोन में 70 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। अन्य 45 कर्मचारी भी अंदर थे। इनमें से कई अभी भी लापता है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

घटना के बाद मौके पर पहुंची दमकलों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जाता है कि गेम जोन में एसी कंप्रेसर फटने के बाद आग लगी। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद राज्य के सभी गेम जोन बंद कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना के उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। घटना की एफआइआर दर्ज कर गेम जोन के मैनेजर नितिन जैन और पार्टनर युवराज सिंह सोलंकी को पुलिस ने हिरासत में लिया है

संचालकों को हिरासत में लिया राज्य में सभी गेम जोन बंद करने के निर्देश

डीएनए टेस्ट से होगी पहचान

अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चे पूरी तरह जल गए थे। ऐसे में मृतकों के शव पहचानना भी मुश्किल हो गया है। प्रशासन का कहना है कि ऐसे बच्चों के शव डीएनए टेस्ट के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे।

नहीं थी फायर एनओसी

एसआइटी करेगी जांच

घटना की प्राथमिक जांच में सामने आया कि गेम जोन के पास फायर एनओसी नहीं थी। इतना ही नहीं गेम जोन में फायर फाइटिंग के साधनों का भी अभाव था।
सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि घटना की जांच एसआइटी करेगी। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार लाख व घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दु:ख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को फोन कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि राजकोट में आग लगने की घटना से बेहद व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने प्रियजनों को खोया है। गृहमंत्री अमित शाह ने भी अग्निकांड पर संवेदना व्यक्त की है।

घरों में आई दरारें

ग्रामीणों ने बताया कि धमाके की आवाज 15 किमी. दूर तक सुनी गई। आसपास के गांवों के कई घरों में दरारें आ गईं। हादसे में मजदूर सेवकराम साहू की मौत हो गई है। पुष्पराज, विजय, राजू ध्रुव, समेत कई मजदूर लापता हैं। इनके मलबे में दबे होने की आशंका है।

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