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> साइबर अपराधियों ने चार माह में दिया 7 हजार करोड़ का झटका, भारत निशाने पर: दक्षिण पूर्वी एशिया के देश बने नया ठिकाना

साइबर अपराधियों ने चार माह में दिया 7 हजार करोड़ का झटका, भारत निशाने पर: दक्षिण पूर्वी एशिया के देश बने नया ठिकाना

Cyber criminals gave a blow of Rs 7 thousand crore in four months

45 फीसदी ठगी थाईलैंड, म्यांमार और लाओस से,विदेशों में फंसे भारतीयों से करवाते हैं ठगी

भारत समेत दक्षिण पूर्वी एशिया के कई देश साइबर अपराधियों के नए ठिकाने बन गए हैं। भारत इन अपराधियों के खास निशाने पर है। इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (आइ4सी) के मुताबिक भारत में इस साल जनवरी से अप्रेल तक चार माह में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर ठगी की 7,40,000 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें 7061.51 करोड़ रुपए की ठगी बताई गई। इसे डिजिटल अरेस्ट, निवेश और डिजिटल गेमिंग के जरिए अंजाम दिया गया। भारत में होने वाली साइबर ठगी की 45% घटनाओं को थाईलैंड, म्यांमार व लाओस में सक्रिय संगठित साइबर अपराधी अंजाम दे रहे हैं।

गृह मंत्रालय के तहत आने वाले आइ4सी के सीईओ राजेश कुमार ने बताया कि झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, हरियाणा, पूर्वी उत्तरप्रदेश, हरियाणा और राजस्थान समेत कई राज्यों में छोटी-मोटी ठगी करने वाले साइबर ठग भी सक्रिय हैं, लेकिन दक्षिण पूर्वी एशिया के देशों में सक्रिय संगठित गिरोह बड़ी साइबर ठगी को अंजाम देते हैं। ठगों ने बड़े-बड़े कंपाउंड बना रखे हैं, जहां हजारों भारतीय से जबरन ठगी का काम कराया जाता है।

पिछले चार माह में ठगी में इस्तेमाल 3.25 लाख से अधिक बैंक अकाउंट फ्रीज किए गए। इसके अलावा 3,000 से अधिक यूआरएल और 595 ऐप को ब्लाक किया गया। पिछले साल जुलाई से अब तक 5.3 लाख सिम कार्ड और 80,848 आइएमइआइ नंबर वाले मोबाइल भी बंद किए जा चुके हैं। पिछले दो महीने में 3401 सोशल मीडिया अकाउंट, वॉट्सऐप ग्रुप और वेबसाइट को भी बंद किया गया।

पिछले चार महीने में 7061.51 करोड़ रुपए की साइबर ठगी हुई, जिनमें से केवल 812.72 करोड़ रुपए बैंकिंग चैनल से बचाए जा सके। आइ4सी के मुताबिक साइबर ठगों द्वारा लंबे समय तक ठगी जारी रखने के कारण अधिकतर रकम देश से बाहर जा चुकी होती है। ठगी का शिकार व्यक्ति जब तक शिकायत करता है, जब तक बैंकिंग चैनल में बहुत कम रकम बची होती है।

साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी इतनी तेजी से हुई है कि हर दिन अकेले साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 7,000 से अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं। इन मामलों को लेकर केंद्र सरकार चिंतित है। इनसे निपटने के लिए गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इसमें कई संबंधित विभागों के सचिव शामिल हैं।

कंबोडिया में प्रदर्शन
पिछले दिनों कंबोडिया के सिहनौक में साइबर ठगी का काम करने वाले 150 भारतीयों ने प्रदर्शन किया था, जिनमें से 60 को कंबोडिया पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इन्हें भारत वापस लाया जा रहा है। इससे पहले भी 360 भारतीयों को भारत लाया जा चुका है। समस्या यह है कि एजेंसियों की प्रयासों के बावजूद ठगों के पास पहुंची रकम को पकड़ने में बहुत कम कामयाबी मिल पा रही है।

चीन पर भी शक

आइ4सी के मुताबिक इन अपराधों में इस्तेमाल किए जाने वाली कई वेब एप्लीकेशन मंदारिन भाषा में लिखी होती हैं। ऐसे में आशंका है कि इन अपराधों में चीन का भी हाथ हो सकता है। खास बात यह है कि चीन में भी कई लोग ऐसे साइबर अपराधों के शिकार हो चुके हैं।

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