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> विधानसभाओं में साल में 2 से 6 सप्ताह काम, अदालतों में केसों का अंबार

विधानसभाओं में साल में 2 से 6 सप्ताह काम, अदालतों में केसों का अंबार

विधानसभाओं में साल में 2 से 6 सप्ताह काम, अदालतों में केसों का अंबार

देश की विधानसभाओं में साल में औसतन 30 दिन भी नहीं होता काम
केरल में सर्वाधिक 44 दिन, महाराष्ट्र में 374 घंटे काम

देश में विधानसभाओं में साल में दो से छह सप्ताह सदन चलता है और इसका औसत 30 दिन से भी कम। वहीं, हाईकोर्ट में काम के दिन 210 और अधीनस्थ न्यायालयों में 265 निर्धारित हैं, लेकिन वहां मुकदमों की संख्या लाखों में होने से सुनवाई का नंबर नहीं आता।

इन परिस्थितियों के बीच ‘प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद’ के सदस्य संजीव सान्याल ने अदालतों में छुट्टियों को लेकर टिप्पणी कर सवाल किया कि यह क्या प्रणाली है? इस पर सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों ने बोला, हमको तो वीकेंड पर भी आराम नहीं मिलता। इन दिनों चुनावी गर्मी के बीच जनता का भी यही सवाल है कि आखिर हम किसका दरवाजा खटखटाएं?

आंकड़े बता रहे हैं कि साल में विस 30 दिन से भी कम चलती हैं और एक दिन में औसत 5 घंटे ही काम होता है। वर्ष 2017 से 2023 के बीच देश में साल में सबसे अधिक औसत 44 दिन केरल विधानसभा चली और महाराष्ट्र विधानसभा में सर्वाधिक औसत 374 घंटे काम हुआ।

यह बोले थे सान्याल
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट गर्मियों में छुट्टी लेते हैं और दशहरा पर फिर से छुट्टी। यह क्या प्रणाली है? इन परिपाटियों को बदलना होगा।

संजीव सान्याल, सदस्य, प्रधानमंत्री की आर्थिकसलाहकार परिषद

न्यायाधीश बोले…न्यायालय में छुट्टियों की बात करने वालों को देखना चाहिए कि हर मामले में अधिकारियों की देरी माफ करनी पड़ती है। – जस्टिस दीपांकर दत्ता, सुप्रीम कोर्ट
न्यायाधीशों को वीकेंड की छुट्टी भी नहीं मिलती, क्योंकि प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं।

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