Search
Close this search box.
> Lok Sabha Chunav 2024: सूरत के बाद इंदौर में फूटा ‘बम’, कांग्रेस प्रत्याशी नामांकन वापस लेकर भाजपा में

Lok Sabha Chunav 2024: सूरत के बाद इंदौर में फूटा ‘बम’, कांग्रेस प्रत्याशी नामांकन वापस लेकर भाजपा में

Lok Sabha Chunav 2024

गुजरात के सूरत के बाद कांग्रेस के साथ सोमवार को मध्यप्रदेश के इंदौर में भी ‘खेला’ हो गया। लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में 13 मई को होने वाले मतदान से पहले नाम वापसी के अंतिम दिन कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने अचानक कलक्ट्रेट पहुंचकर नाम वापस ले लिया और कुछ देर बाद भाजपा का दुपट्टा पहन लिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के गृह जिले में हुए इस घटनाक्रम ने कांग्रेस हाईकमान की नींद उड़ा दी है। राज्य के मंत्री और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने एक्स पर पोस्ट में उनके भाजपा में शामिल होने की जानकारी दी। जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह ने पुष्टि की कि अक्षय कांति बम ने नामांकन वापस ले लिया है। इससे पहले सूरत में भी नाटकीय घटनाक्रम में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज हो गया था। उनपर भाजपा से मिलीभगत करते हुए गलत हलफनामा देने का आरोप सामने आया था।

मध्यप्रदेश के खजुराहो में भी कांग्रेस समर्थित सपा प्रत्याशी का पर्चा भी खारिज हो चुका है।

भाजपा ने इसे मोदी की गारंटी बताकर कांग्रेस पर हमला बोला तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बम पर दबाव बनाकर नाम वापसी कराने का आरोप लगाते हुए भाजपा व सरकार को घेरा।

कांग्रेस को 35 साल से जीत का इंतजार :
इंदौर लोकसभा सीट पर 35 साल से जीत का इंतजार कर रही कांग्रेस ने भाजपा का गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में नए चेहरे अक्षय बम (45) को प्रत्याशी बनाया था। उनकी टक्कर भाजपा के शंकर लालवानी (62) से होनी थी। नामांकन वापस लेने के बाद लालवानी की राह आसान हो गई है, जो इंदौर नगर निगम के सभापति और इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) के अध्यक्ष रह चुके हैं। प्रदेश के सबसे बड़े लोकसभा क्षेत्र इंदौर में 25.13 लाख मतदाता हैं। भाजपा ने इस बार आठ लाख मतों के अंतर से जीत का नारा दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में इंदौर में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था।

नौ ने नाम लिए वापस, 14 मैदान में :
जांच की प्रक्रिया के बाद इंदौर में कुल 23 प्रत्याशी थे, इनमें से नौ ने नाम वापस ले लिया। अब इंदौर लोकसभा सीट के लिए 14 प्रत्याशियों के बीच टक्कर होगी। इनमें बसपा सहित अन्य छोटे दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय शामिल हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस किसी अन्य प्रत्याशी को अपना समर्थन दे सकती है।

दो घंटे में हो गया सारा खेल:
कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति सोमवार सुबह 10 बजे पीडब्ल्यूडी के बंगला नंबर-3 पहुंचे, जहां कैबिनेट मंत्री कैलाश व विधायक मेंदोला मौजूद थे। चाय-नाश्ता हुआ और कुछ भाजपा नेताओं को फोन लगाए गए। डेढ़ घंटे बैठक बाद दोपहर 11:30 बजे एमआइसी सदस्य जीतू यादव की कार में मेंदोला के साथ बम रवाना हुए। कलक्ट्रेट पहुंचने के बाद वे सीधे जिला निर्वाचन अधिकारी व कलक्टर आशीष सिंह के कक्ष में पहुंचे, जहां बम ने नाम वापसी फॉर्म जमा किया। कलेक्टर उनको देख रहे थे कि मेंदोला ने पूछ लिया-फॉर्म ठीक है। कलेक्टर बोले- ठीक है, ये सुनकर दो-चार मिनट में ही सभी वहां से रवाना हो गए।

Author
Related Post