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Covid Shield Side Effects: बीएचयू का शोध: श्वास संबंधी संक्रमण और स्किन की परेशानी

Covid Shield Side Effects: BHU's research: Respiratory infections and skin problems

COVID Shield Side Effects: कोविशील्ड के बाद कोवैक्सिन भी विवादों से घिरी

कोविशील्ड के बाद अब भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन भी विवाद में आ गई है। बीएचयू शोधकर्ताओं ने एक साल के अध्ययन के बाद दावा किया कि कोवैक्सिन लगवाने वाले एक तिहाई लोगों में साइड इफेक्ट के मामले में सामने आए थे।

जनवरी, 2022 से अगस्त, 2023 तक किए अध्ययन में बताया है कि कोवैक्सीन लगवाने के बाद इन लोगों को त्वचा संबंधी, सामान्य विकार और तंत्रिका तंत्र से संबंधित बीमारियों का सामना करना पड़ा।

साइंस जर्नल स्प्रिंगरलिंक में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक शोध में शामिल 50 प्रतिशत लोगों ने शिकायत की कि उन्हें कौवैक्सीन लगवाने के बाद श्वास संबंधी संक्रमण का सामना करना पड़ा। शोध में 635 किशोर और 391 वयस्क शामिल थे। सभी ने एक साल पहले टीका लगवाया था।

एस्ट्राजेनेका से बढ़ा घातक का जोखिम

ब्रिटिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनेका ने कोर्ट में माना था कि उसकी कोरोना वैक्सीन से दुर्लभ मामलों में खून का थक्का बन सकता है। शोधकर्ताओं ने अब दावा किया है कि एस्ट्राजेनेका का टीका वैक्सीन-प्रेरित इम्यून

थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और थ्रोम्बोसिस (वीआइटीटी) के खतरे को बढ़ा देता है। यह दुर्लभ घातक रक्त का थक्का बनाने वाली बीमारी है। वीआइटीटी वैक्सीन के बाद नई बीमारी के रूप में उभरा है।

लगने के एक साल बाद 47.9% किशोरों और 42.6% वयस्कों में सांस संबंधी इन्फेक्शन हुआ। इससे लोगों में सर्दी, खांसी जैसी समस्याएं देखी गईं।

स्किन की बीमारियां

किशोरों में 10.5% में स्किन से जुड़ी बीमारियां, 4.7% में नर्वस सिस्टम से जुड़ी परेशानियां और 10.2% में जनरल डिसऑर्डर देखा गया। वयस्कों में 8.9% में जनरल डिसऑर्डर, 5.8 % में मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी परेशानियां और 5.5% में नर्वस सिस्टम से जुड़े परेशानियां देखी गईं।

स्ट्रोक की समस्या

4.6% किशोरियों को अनियमित पीरियड्स की समस्या हुई। 2.7% में आंखों की समस्याएं, 0.6% में हाइपोथायरायडिज्म देखा गया। 0.3% में स्ट्रोक, 0.1% में गुलियन बेरी सिंड्रोम (शरीर को निशक्त करने वाली बीमारी) की पहचान हुई।

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