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> नर्सिंग शिक्षा में एकरूपता के लिए एनएमसी की तर्ज पर एनएनएमसी, नर्सिंग संस्थान होंगे नए राष्ट्रीय आयोग के अधीन

नर्सिंग शिक्षा में एकरूपता के लिए एनएमसी की तर्ज पर एनएनएमसी, नर्सिंग संस्थान होंगे नए राष्ट्रीय आयोग के अधीन

NNMC, nursing institutes will be under the new National Commission on the lines of NMC for uniformity in nursing education

केंद्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की तर्ज पर राष्ट्रीय नर्सिंग मिडवाइफरी आयोग (एनएनएमसी) के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके बाद पूरे देश में नर्सिंग शिक्षा में एकरूपता आने की संभावना है। आयोग गठित होने के बाद पूरे देश के सभी नर्सिंग संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों को इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आइएनसी) की मान्यता के बिना संचालित करने में संकट आ सकता है।

अभी तक आइएनसी से यह मान्यता ली जाती है। आइएनसी इन्हीं कॉलेजों की सूची आधिकारिक रूप से अपनी वेबसाइट पर जारी करता है। अभी प्रदेश में इस मान्यता के बिना ही कई कोर्स संचालित किए जाते रहे हैं। प्रदेश के करीब 150 नर्सिंग संस्थानों में संचालित 296 पाठ्यक्रमों में से अब तक 75 कोर्स के लिए संस्थानों ने आवेदन ही नहीं किया है। जबकि विलंब शुल्क सहित आवेदन की अंतिम तिथि 5 मई हैं। बिना मान्यता के संचालित संस्थानों से डिग्री लेकर निकले विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में नौकरी में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

आचार संहिता के बाद भंग होगी आइएनसी
आयोग का गठन करने के लिए केंद्र संसद के पिछले सत्र में विधेयक पारित कर चुका है। आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद करीब 60 वर्षों से कार्य कर रही इंडियन नर्सिंग काउंसिल भंग हो जाएगी और काउंसिल के माध्यम से मान्यता प्राप्त नर्सिंग संस्थान नए राष्ट्रीय आयोग के अधीन हो जाएंगे। राज्य में भी राजस्थान नर्सिंग काउंसिल की जगह राज्य नर्सिंग और मिडवाइफरी आयोग होगा और राष्ट्रीय आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार कार्य करेगा।

आयोग का बिल पिछले संसद सत्र में पारित हो चुका है। आयोग की ओर से नर्सिंग संस्थानों एवं नर्सिंग शिक्षा के लिए एक समान नीति और दिशा निर्देश लागू होने से नर्सिंग विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।

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