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Raebareli Lok Sabha Chunav 2024: सोनिया की जगह राहुल उतरे, स्मृति के सामने किशोरीलाल

Raebareli Lok Sabha Election 2024: Rahul contests in place of Sonia, Kishorilal in front of Smriti
Raebareli Lok Sabha Election 2024: Rahul contests in place of Sonia, Kishorilal in front of Smriti
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रायबरेली में राहुल ने भरा पर्चा, अमेठी से ‘गांधी परिवार’ बाहर

कांग्रेस ने आखिर तक सियासी गुणा-भाग करने के बाद सोनिया गांधी की परंपरागत सीट रायबरेली से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उम्मीदवार घोषित किया। राहुल ने दोपहर में बड़ी रैली के साथ नामांकन भी दाखिल कर दिया। राहुल गांधी का रायबरेली में भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह से मुकाबला होगा, जिन्होंने शुक्रवार को ही अपना नामांकन दाखिल किया है। वहीं, अमेठी से राहुल की जगह इस बार किशोरीलाल शर्मा कांग्रेस उम्मीदवार होंगे, जिनका मुकाबला केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से होने जा रहा है। कांग्रेस का दावा किया कि सोच समझ कर यह दांव चला गया है। शतरंज की चालें अभी बाकी हैं। दोनों सीटों पर मतदान 20 मई को होगा।

राहुल के अमेठी से चुनाव नहीं लड़ने पर सियासत गरमा गई। पीएम नरेंद्र मोदी समेत भाजपा व अन्य विपक्षी नेता भी इस पर टिप्पणी कर रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की केरल की वायनाड सीट पर मतदान हो चुका है। राहुल के उत्तर प्रदेश की परंपरागत सीट अमेठी से चुनाव लड़ने को लेकर कई दिनों से अटकलें चल रही थीं। कांग्रेस ने नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने से कुछ घंटे पहले अमेठी व रायबरेली सीट से उम्मीदवार घोषित किए। रायबरेली से राहुल व अमेठी से सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किशोरीलाल शर्मा ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल किया।

गांधी परिवार ने छोड़ा एक गढ़
1999 से 2019 तक हुए पांच चुनाव में अमेठी से गांधी परिवार मुकाबले में रहा है। 1999 में सोनिया गांधी ने पहला चुनाव यही से लड़कर राजनीति में प्रवेश किया। राहुल भी 2004 में पहला चुनाव यहीं से लड़े और संसद पहुंचे। इसके अलावा राजीव गांधी व संजय गांधी भी इसी सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं। 1998 में आखिरी बार गैर गांधी सतीश शर्मा ने इस सीट से चुनाव लड़ा था।

क्या हो सकता है असर
फायदे :

  1. कांग्रेस उत्तर भारत में भाजपा के दक्षिण की पार्टी होने के आरोपों का जवाब दे सकेगी।
  2. चुनाव जीतकर राहुल खुद को साबित कर सकेंगे कि वे गांधी परिवार की परंपरा को कायम रखा है।
  3. प्रचार के लिए अधिक समय देते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली की सीटों पर असर डाल सकते हैं।

नुकसान :

  1. अमेठी की जगह रायबरेली जाने से हार से डरकर भागने वाले नेता की छवि बनना।
  2. भाजपा ने रायबरेली से राहुल के उम्मीदवार बनाने को चुनावी मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है।
  3. दो जगह से चुनाव लड़ने से रायबरेली के मतदाताओं में असमंजस की स्थिति।

रायबरेली सीट पर एक नजर:

सोनिया ने पिछले चुनाव में यहां 534918 मतों के साथ 56.41 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। तब भाजपा के दिनेश प्रताप सिंह ने 38.78 प्रतिशत वोट हासिल कर 367740 मत प्राप्त किए थे।
साल 2014 के चुनाव में सोनिया गांधी ने भाजपा के अजय अग्रवाल को शिकस्त देते हुए 526434 मत प्राप्त किए जबकि भाजपा के अजय अग्रवाल को 173721 मत मिले थे। बसपा तीसरे स्थान पर रही थी।
रायबरेली सीट पर 1952 से हुए 19 चुनाव में 16 बार कांग्रेस ही जीती है। इस सीट पर 1977 में जनता पार्टी के राज नारायण ने इंदिरा गांधी को हराया था। वर्ष1996 में भाजपा के अशोक सिंह ने यह सीट जीती थी।

कौन हैं किशोरीलाल

कांग्रेस के अमेठी से उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते हैं। किशोरी लाल मूल रूप से पंजाब के हैं। वह 1983 में कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर अमेठी आए थे। दशकों पहले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय से ही कांग्रेस में हैं। सोनिया गांधी के प्रतिनिधि के तौर पर रायबरेली और अमेठी में सक्रिय रहे हैं। 1999 में सोनिया की पहली जीत में शर्मा की अहम भूमिका रही। राजीव गांधी की मौत के बाद शर्मा अमेठी सीट पर कांग्रेस के लिए काम करते रहे। जब गांधी परिवार 1990 के दौर में अमेठी की चुनावी राजनीति से दूर रहा, तब इस सीट पर किशोरी लाल शर्मा सक्रिय रहे थे।

मां ने कर्मभूमि मुझे सौंपी

मेरी मां ने मुझे भरोसे के साथ परिवार की कर्मभूमि सौंपी है, उसकी सेवा का मौका दिया है। रायबरेली व अमेठी मेरे लिए अलग-अलग नहीं हैं, दोनों ही मेरा परिवार हैं। मुझे खुशी है कि 40 वर्षों से क्षेत्र की सेवा कर रहे किशोरी लाल अमेठी से प्रतिनिधित्व करेंगे।

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